New best short stories in hindi with moral

राजा और पालतू बन्दर

short stories in hindi with moral

एक समय की बात है एक राजा (king) के पास एक बंदर (monkey) था  राजा ने बंदर को बहुत ही ज्यादा प्यार से पाला था और  बंदर राजा का सबसे ज्यादा पालतू जानवर था जिसकी वजह से उस बंदर को पूरे राज्य (State) में खुली छूट दे रखी थी  और बंदर कभी भी कहीं पर भी जाता था और किसी का भी नुकसान (Harm) करता था तो ऐसे में कोई कुछ भी नहीं कर पाता था

दरबार में भी राजा ने बंदर को पूरी छूट (freedom) दे रखी थी कभी भी कहीं भी आ जा सकता था इस तरह से बंदर को पूरी आजादी मिली हुई थी

बंदर महाराज के साथ ही खाना खाता था उनके साथ ही बाहर घूमने (Enjoy) भी जाया करता था राजा जहां भी जाया करते थे बंदर को अपने साथ ले जाया करते थे रात (night)के समय ही बंदर राजा के साथ ही सोया करता था

1 दिन दोपहर के समय जब राजा और उनका पालतू (pet) बंदर के साथ  खाना खाकर विश्राम कर रहे थे उस समय राजा का वफादार (pet) बंदर देखता है कि एक मक्खी बार-बार राजा को परेशान (trouble) कर रही है और हर थोड़ी देर बाद उनकी छाती पर आकर बैठ जाती हैं

मक्खी बार-बार उड़ती और थोड़ी देर में राजा के छाती पर आकर बैठ जाती  बंदर यह सब कुछ देख रहा था थोड़ी देर बाद बंदर ने मक्खी को उड़ाने की कोशिश की  पर मक्खी फिर भी नहीं मानी और इस तरह राजा के पालतू बंदर को बहुत ज्यादा गुस्सा (angry) आ गया

और उस मक्खी को मारने की ठान ली थी जिसके लिए उसे किसी चीज की जरूरत है जिससे वह उस मखी को  मार सके उसने अपने आसपास नजर दौड़ाई पर उसको मक्खी को मारने के लिए कुछ भी नहीं मिला पर पास में ही राजा का तलवार(sword) रखा हुआ था

बंदर ने राजा की तलवार उठाई और मक्खी (bee) को मारने के लिए राजा के छाती पर वार (attack) कर दिया हमेशा की तरह मक्खी फिर उड़ गई मक्खी का बाल भी बांका नहीं हुआ पर इस वार (Attack) से राजा बुरी तरह से घायल हो गए जिसकी वजह से उनकी मृत्यु (death) हो गई

इस तरह से हमें इस कहानी से सीख Moral मिलती है कि हमें कभी भी मूर्ख लोगों को अपने साथ नहीं रखना चाहिए या उन्हें हमें अपना कोई भी जरूरी काम करने नहीं देना चाहिए क्योंकि उनकी बेवकूफी (foolness) की वजह से मैं बहुत ही बड़ा नुकसान हो सकता है 

यह भी जरुर पढ़े: जादुई चप्पल 

 

गधा और धोबी (short stories in hindi with moral)

एक किसान था जिसके पास बहुत ही ज्यादा कमजोर गधा (Donkey) था गधा कमजोर (weak) इसलिए हो गया था क्योंकि किसान समय समय पर उसे अच्छा खाना (food) नहीं दे पाता था और हर रोज उससे मेहनत (hard work) करवाता था जिसकी वजह से donkey दिन पर दिन कमजोर होता जा रहा था

एक दिन जब गधा और किसान दोनों जंगल से गुजर रहे थे तब उन्होंने देखा कि एक शेर (lion) मर गया है तब किसान को एक तरकीब (plan) सूझी  और किसान ने शेर की खाल (skin) को उतारकर अपने गधे को पहना दिया

 और अपने गधे को हर रोज रात (daily night) के समय में खेतों में चरने के लिए छोड़ दिया करता था इससे लोगों को लगता था कि यह एक शेर है और लोग इससे डर जाया करते थे और लोगों को यह भी लगता था कि हमारे खेतों  को नुकसान (harm) भी नहीं करेगा

और वहां पर गधा शेर की खाल (skin) पहनकर सभी किसानों के खेत को बहुत ही हानि पहुंचाता था उसे बहुत ही ज्यादा खाना मिल जाता था और वह धीरे-धीरे तंदुरुस्त (healthy) हो रहा था

पर एक दिन जब गधा रात के समय में चर (eating) रहा था उसी समय गधे को एक गधी की आवाज (sound) सुनाई देती है गधा गधी की आवाज सुनकर दौड़ता हुआ उसकी तरफ भागता है

जब गधा गधी तक दौड़ता हुआ पहुंचता है तो गांव वाले लोग देखते हैं कि यह तो एक गधे की आवाज आ रही है और यह तो एक गधा हैं जो कि शेर की खाल (Skin) पहना हुआ है जो हम सब को काफी दिनों से बेवकूफ(fool) बना रहा था और हमारे खेतों को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है

उसके बाद उसको गधे को बहुत ही ज्यादा पीटा जाता है और गधे के मालिक (owner) को भी बुरी तरह से पीटा जाता है

इस कहानी से क्या शिक्षा (Moral)मिलती है कि हमें कभी भी सच्चाई (Truth) को छुपाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि किसी ना किसी दिन सच्चाई सामने आ ही जाती है और जब सच्चाई सामने आती है तब बुरा समय आ जाता है 

जरुर पढ़े magic hindi story

  नन्ही प्यारी चिड़िया 

एक बार जंगल (forest) में आग लग जाती है जिसकी वजह से जंगल के सभी जीव जंतु जो जमीन पर रहा करते थे वह सभी एकदम से घबरा जाते हैं और सभी भगदड़ करने लगते हैं

उसी जंगल में एक बहुत ही प्यारी सी छोटी सी चिड़िया (little bird) रहती थी जिसने अपना घोंसला पेड़ पर बना रखा था और वह अपनी जिंदगी (life) बहुत ही अच्छे से बसर कर रही थी  पर अचानक आग लग जाने की वजह से उसने अपनी जान (life) बड़े ही आसानी से बचा ली

चिड़िया उड़ सकती थी जिससे उसने अपनी जान बचा (save)  ली पर उसने देखा कि जंगल के बाकी साथी (friends) जो नहीं उड़ सकते हैं  वह इधर उधर भाग रहे हैं और अपनी जान को बचा रहे हैं

छोटी चिड़िया से यह सब नहीं देखा गया और सोचा मुझे इनके लिए कुछ करना चाहिए तब छोटे चिड़िया ने पास के एक नदी (river) से पानी भरकर जंगल में डालने की कोशिश की चिड़िया लगातार यह काम करती रही

तभी वहां से एक उल्लू गुजर रहा था उसने देखा कि यह चिड़िया जंगल की आग बुझाने के लिए अपने चोच में पानी भर भर कर ला रही है यह देखकर उल्लू हैरान (shock)  हो गया कि यह चिड़िया आखिर करना क्या चाहती है तब उसने छोटी चिड़िया से जाकर पूछा कि आपके पानी डालने से जंगल की आग नहीं बुझ सकती

तो छोटी चिड़िया ने जवाब दिया मैं भली भांति जानती हो कि जंगल की आग (fire) मै अपने छोटे से छोटे सी चोच से नहीं बुझा सकती पर इस समय मैं कुछ और तो नहीं कर सकती  जिससे मैं अपने साथियों की जान को बचा सकूं तो मैं जो भी कर सकती हूं मैं वह कर रही हूं

ताकि बाद में आगे चलकर मुझे कभी भी कोई पछतावा (regret) ना हो कि मैंने कुछ भी नहीं किया और मैं पानी तब तक डालते रहूंगी जब तक मेरे साथी यहां से निकल नहीं जाते

उल्लू यह सब बातों को सुनकर बहुत ही ज्यादा आश्चर्यचकित हो गया

तो इस तरह में इस story से यह शिक्षा (moral) मिलती हैं कि जिंदगी में हमें अगर किसी भी तरह की कोई भी संकट (problem) आता है तो हमें कभी भी घबराना नहीं चाहिए हमें उस समय ठंडे दिमाग से सोच कर फैसले लेने चाहिए और हमें तब तक उससे लड़ना (fight) चाहिए जब तक हम लड़ सकते हैं 

जरुर पढ़े  बन्दर और बिल्ली की कहानी 

 

एक बकरा जो अपनी अच्छाई करते वक्त हलाल हो गया

एक बार की बात है जब एक राजा पालतू पशुओं (Pet  animals) का बहुत ही ज्यादा दीवाना था उसने बहुत सारे पालतू पशु अपने पास पाल रखे थे उसमें उसे अपना घोड़ा सबसे ज्यादा प्यारा था जो देखने में बहुत ही खूबसूरत और मजबूत था

राजा जब भी कहीं पर भी जाता था तो अपने घोड़े (horse) को साथ में लेकर जाता था और घोड़े की बहुत ही ज्यादा खातिरदारी भी की जाती थी जिसे देखकर बाकी सभी जानवर घोड़े को सलाम (salute) किया करते थे और घोड़े से डरा भी करते थे

 

 घोड़ा यह सब देखकर बहुत ही खुश (happy) रहता था की राजा उसे बहुत ज्यादा पसंद(like) करते हैं जिसकी वजह से गांव के लोग सलाम ठोकते हैं और कोई भी जानवर उसे बहुत ही ज्यादा इज्जत (respect) से बात करता है और हर रोज सलाम करते हैं

 

 इस बात को लेकर घोड़े को बहुत ही ज्यादा घमंड हो गया था और वह कभी-कभी अपनी मनमर्जी भी करने लगा था 1 दिन घोड़े ने सोचा चलो मैं बीमार पड़ने का नाटक (excuse) करता हूं और घोड़ा 2 दिन के लिए उठा ही नहीं और बीमार होने का नाटक करने लगा

राजा को बहुत ज्यादा चिंता हो गई और उसने घोड़े को देखने के लिए वेद (doctor) को बुलाया जब वेघ देखता है तो उसने देखा घोड़ा तो उठ नहीं पा रहा तो वैघ ने बोला महाराज लगता है घोडा बहुत ही ज्यादा बीमार है अगर यह मेरे दिए गए दवाई (medicine) को खाने के बाद कुछ ठीक नहीं होता तो घोड़ा कुछ दिनों बाद मर (death) जाएगा 

राजा यह सब सुनकर बहुत ही ज्यादा दुखी (Sad) हुआ और उसने घोड़े की देखभाल करने के लिए कुछ और लोगों को लगा दिया और घोड़ा नाटक कर रहा था घोड़ा 2 दिन बाद भी नहीं उठा अब महाराज और भी ज्यादा चिंतित हो गए

कुछ दिनों बाद एक बकरा (goat) आया जो बहुत ही प्यारा था घोड़े को लगने लगा कि राजा ने एक नया जानवर को बुलाया है ताकि यह नया जानवर मेरी जगह ले सके

अब  घोड़े को बहुत ही ज्यादा चिंता होने लगी थी इसलिए उसने उस बकरे से बात की और बोला की मैं राजा का सबसे प्यारा जानवर हु और मैं 2 दिन से यह नाटक कर रहा था कि मैं बीमार हूं अगर तुम एक मदद कर सको

तो बकरा बोला बताओ मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं तब घोड़े ने बताया जब आप राजा के दरबार में जाओगे तो आप एक बार यह बता देना कि मैं बिल्कुल ठीक हो चुका हूं और अब पहले की तरह राजा की सेवा (serve) के लिए तैयार हूं

बकरा कहता है ठीक है मैं दरबार में जाकर यह सब बात बता दूंगा और बिल्कुल ऐसा ही करता है जब राजा यह सब बातें सुनता है तो राजा शाही दावत का ऐलान करता है और इस शाही भोज में इस खूबसूरत बकरे को हलाल कर दिया जाता है 

यह भी जरुर पढ़े

शेर और चूहे की कहानी 

बीरबल की  खिचड़ी 

Leave a Comment