Panchatantra stories in hindi | पंचतंत्र की बेहतरीन कहानिया

Panchatantra kahaniya – मनोज नाम का व्यापारी (business) एक गांव में रहता था जिसके पास बहुत ज्यादा पैसा था इसलिए वह अपने धन को लोगों में बांटा करता था वह  गांव के सभी लोगों को त्योहारों पर बुलाता था और उन्हें धन दौलत देता था और साथ में अपने दोस्त (Friend) और रिश्तेदारों को भी बुलाता था

 इस तरह से मनोज को सभी लोग बहुत ज्यादा दुआ दिया करते थे मनोज के पास इतना पैसा (money)  इसलिए हो गया था क्योंकि शहर में उसका एक  व्यवसाय था जहां पर उसने अपने गांव के ही लोगों (people) को रख रखा था जो सस्ते में मनोज का काम कर दिया करते थे जिससे मनोज को बहुत ज्यादा मुनाफा (profit) हुआ करता था और वह उन पैसों को गांव के लोगों में बांट दिया करता था

Panchatantra ki kahaniya

 पर एक दिन मनोज का व्यवसाय बहुत ही ज्यादा धीमा (Slow) हो गया और धीरे-धीरे कुछ महीनों बाद जब मनोज बीमार हो गया था वह अपने व्यवसाय को नहीं देख पाया जिसकी वजह से उसका व्यवसाय भी बंद (stop) हो गया

अब उन्होंने बहुत ज्यादा घाटे  में जा चुका था और वह धीरे-धीरे गरीब (poor) होता चला गया मनोज को बड़ा दुख होता था कि अब वह  त्योहारों के समय गांव (friends) के लोगों को कुछ भी नहीं दे पाता जिसकी वजह से बहुत ही ज्यादा परेशान था और  वह कभी-कभी अपनी पत्नी से यह कहता कि मुझे अब जिंदा नहीं रहना चाहिए मुझे मर (die) जाना चाहिए 

 

1 दिन जब मनोज रात के समय सो रहा था तो उसका सपने में एक साधु संत (monk) आते हैं और कहते हैं मनोज तुमने अपनी जिंदगी में बहुत ही ज्यादा अच्छे काम किए हैं और तुम जैसे लोगों कि दुनिया में बहुत ज्यादा जरूरत है इसलिए तुम्हे मरने की कोई जरूरत (need) नहीं है 

 और मैं तुम्हें एक उपाय बताता हूं जिससे तुम दोबारा से अमीर (rich) हो जाओगे और बाबा ने कहा कल सुबह मैं तुम्हारे घर पर आऊंगा तुम्हें एक डंडा लेकर मेरे सर पर मार देना है जिससे मैं सोने में बदल जाऊंगा और इस तरह से तुम दोबारा (again) से अमीर हो जाओगे

 

 अगले दिन जब सुबह होती है मनोज को लगता है वह तो सिर्फ एक सपना था सच्चाई (true) में नहीं बदल सकता तभी कोई दरवाजा खटखटाता है मनोज को लगता है कहीं यह बाबा सपने वाले संत तो नहीं पर वह गांव का नाइ होता है जो मनोज के बाल काटने आता है

 जब  नाइ मनोज के बाल काट (cut) रहा होता है तो उस समय दोबारा से कोई दरवाजा खटखटाता है  और जब मनोज जाकर दरवाजा खोलता है तो वह हैरान (shocked) हो जाता है क्योंकि वह देखता है यह तो वही बाबा है जो उसके सपने में रात में आए थे

 

 उसके बाद वह बाबा को घर के अंदर बुलाता है और चुपके से हाथ में डंडा (stick) लेकर बाबा के सर पर मार देता है मारते के साथ ही बाबा सोने के रूप में बदल जाते हैं नाइ वहीं पर यह सब कुछ देख रहा होता है और मनोज की पत्नी (wife) भी यह सब देख रही होती है

 जैसे ही बाबा सोने (gold) में बदलते हैं हर कोई हैरान हो जाता है और मनोज कहता है अब मैं दोबारा से अमीर बन जाऊंगा क्योंकि नाइ यह सब देख लेता है इसलिए मनोज को नाइ (barber) को कुछ  सोना देना पड़ता है

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नाइ खुशी-खुशी सोना लेकर अपने घर पर चला जाता है और सोचता है मैं भी अपने घर पर कुछ संत बाबा को बुलाता हूं और मैं भी उनके सर पर ठंडा (stick) मारता हूं जिससे मैं भी अमीर बन जाऊंगा इसलिए नाइ अगले ही दिन गांव के आश्रम से चार संत बाबा को अपने घर बुलाता है और कहता है बाबा मैंने आपके लिए आज अपने घर पर दावत (party) का इंतजाम किया है 

 जब सभी बाबा नाइ के घर पर आते हैं तो वह अपना दरवाजा (door) बंद कर लेता है और डंडा लेकर सभी संत बाबा के सर पर मारने लगता है कोई भी बाबा सोने में नहीं बदलते हैं और नाइ लगातार मारता  (beat) रहता है जिसकी वजह से वह सभी संत बेहोश  हो जाते हैं

 

इस तरह से नाइ तो सैनिकों द्वारा गिरफ्तार (arrest) कर लिया जाता है और राजा के दरबार में पेश किया जाता है जहां पर नाइ से पूछा जाता है कि तुमने ऐसा क्यों किया  तब नाइ मनोज के घर पर हुई सभी घटना (incident) को बता देता है उसका तुरंत बाद मनोज को राजा के दरबार में पेश होने के लिए बुलाया जाता है

पर जब मनोज राजा के दरबार में आता है तो वह अपनी पूरी कहानी  को बताता है कि बाबा (monk) खुद मेरे सपने में आए थे इसलिए मैंने ऐसा किया नाइ यह सब सुनकर हैरान हो जाता और कहता हैं मैं भी कितना मूर्ख (fool) था जो बिना कुछ समझे सोचे अमीर (rich) बनने चला था

 इस तरह से  नाइ को 1 महीने के लिए कालकोठरी में डाल दिया जाता है 

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