Top 5 moral stories in hindi

Moral story in hindi- एक गांव में स्वामी पुरुषोत्तम गुरु (Guru) का अनुयायी सुखदेव अपने परिवार के साथ रहता था स्वामी पुरुषोत्तम के हजार बार समझाने के बावजूद भी सुखदेव परिवार  के मोह माया (love) को नहीं छोड़ता था और वह हमेशा अपने परिवार के साथ ही रहता था  पुरुषोत्तम सुखदेव को हमेशा यही समझाते थे अगर भगवान (god) ने किसी को जमीन पर भेजा है तो उसके भरण पोषण का कोई ना कोई इंतजाम (plan) जरूर किया है

 

तुम फालतू में कहते रहते हो कि तुम्हारे बिना तुम्हारा परिवार जीवन यापन (survive) कैसे कर पाएगा पर सुखदेव स्वामी के हजार बार समझाने पर भी नहीं समझा और वह कभी भी आश्रम नहीं जाता था आश्रम  गांव से 2 KM की दूरी पर था स्वामी के अनुयायी हर दिन सुखदेव को बुलाने आते थे पर सुखदेव कभी भी नहीं जाता था

एक दिन आश्रम में बहुत बड़ा समारोह हो रहा था तो उस दिन सुखदेव को 1 दिन (one day) के लिए आश्रम जाना पड़ा तब उस समय स्वामी पुरुषोत्तम ने सुखदेव को समझाया कि अगर तुम्हें मेरा यकीन (believe) नहीं होता तो बस एक बार अपने परिवार को अकेला छोड़ कर देखो

 

ऊपर वाला सब देख रहा है अगर उसने किसी को धरती  (earth) पर भेजा है तो उसके जीवन के निर्वाह के लिए इंतजाम (plan) भी किए हैं सुखदेव को लगा चलो एक बार गुरुदेव की बात को मान लिया जाए और 1 दिन सुखदेव जब अपने परिवार (family) के साथ दूसरे गांव नाव से जा रहा था

तब उस समय सुखदेव ने नदी में छलांग (jump) लगा दी और वह पानी के अंदर ही अंदर नदी के किनारे चुपके से निकलकर जंगल में दुबक (hide) गया और पुरुषोत्तम गुरु के आश्रम पहुंच गया सुखदेव का परिवार बहुत ज्यादा परेशान हुआ उन्होंने पानी (water) में हर जगह पर सुखदेव की तलाश कि सुखदेव कहीं पर भी नहीं मिला और उन्हें लगा सुखदेव पानी में डूबकर अपनी जान (life) गवा बैठा है और नदी में बहकर बहुत दूर चले गया है

 

 इस तरह से पूरे गांव में मातम (sadness) छा गया हर जगह पर यह बात आग  की तरह फैल गयी कि सुखदेव पानी में डूब कर मर (died) गया और हर कोई बस यही सोच रहा था कि सुखदेव के पत्नी और बच्चे अपने जिंदगी का निर्वाह कैसे करेंगे 

पर गांव में जितने भी लोग जो सुखदेव के करीबी (relatives) थे या आश्रम के कुछ अनुयाई (friends) जो सुखदेव को अच्छे से जानते थे उन सब ने सुखदेव के पत्नी और बच्चे के लिए रहने की व्यवस्था धर्मशाला  (orphanage) में कर दी और उनके खाने पीने के लिए आटा चावल और जरूरत की सभी चीजों का इंतजाम (Adjust) कर दिया

 

और इस तरीके से हर किसी ने अपनी जिम्मेदारी (responsibility) ले ली कि हर महीने में आटा चावल या जरूरत के बाकी चीजों को धर्मशाला तक पहुंचा देगा इस तरह से सुखदेव की पत्नी को किसी भी तरह की कोई समस्या (problem) नहीं हुई और वह खुशी-खुशी धर्मशाला में रहने लगे 

New moral story in hindi
New moral story in hindi

 

 1 दिन सुखदेव की पत्नी स्वामी पुरुषोत्तम गुरु के आश्रम पहुंची स्वामी जी ने पूछा तुम्हें कोई तकलीफ (problem) तो नहीं है तब सुखदेव की पत्नी ने देर से जवाब दिया हूं स्वामी जी मेरे पति का देहांत (death) हो गया इसकी पूर्ति तो कोई भी नहीं कर सकता

 पर अब जिंदगी का निर्वाह पहले से अच्छा हो रहा है क्योंकि गांव के लोग जरूरतमंद (needy things) चीजें हर रोज दे जाते हैं और साथ में कुछ राशि भी दे जाते हैं जिससे कभी भी किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होती है

 

 सुखदेव यह सभी बातें छुप-छुपकर सुन रहा था वह हैरान हो रहा था कि उसके परिवार का निर्वाह पहले से अच्छा हो रहा है जो वह खुद भी नहीं कर पाता था 

और उसके बाद सुखदेव की पत्नी वापस धर्मशाला चली गयी फिर सुखदेव स्वामी पुरुषोत्तम जी के पास आया और बोला स्वामी मै एक बार (once) गाव जा कर देखना चाहता हूं कि क्या यह सब बात सच है तो स्वामी जी ने कहा तुम एक बार रात (night) के समय जाकर देख सकते हो

 

 उसी दिन रात के समय सुखदेव अपने परिवार को देखने के लिए गया और उसने दरवाजा खटखटाया (knocked) रात का समय था जिसकी वजह से सुखदेव की पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला दरवाजा (door) खोलने से पहले पूछा कौन है उस तरफ से सुखदेव ने जवाब दिया

 मैं  सुखदेव हु तुम्हारा पति (husband)

 सुखदेव की पत्नी समझ गई की यह सुखदेव का भुत (ghost) है

 उसने बोला कि सुखदेव तो मर चुका है

सुखदेव ने जवाब दिया मैं मरा नहीं मैं जिंदा (Alive) हूं

सुखदेव की पत्नी ने कहा तुम यहां से चले जाओ तुम्हारे बच्चे तुम्हें देखेंगे तो वह अपनी जान गवा सकते हैं

हम अपनी जिंदगी खुशी-खुशी जी रहे हैं अब तुम फालतू में हमारी जिंदगी की कठिनाई (problem) मत बनो 

इसके बाद सुखदेव आश्रम वापस (return) चला गया और वह वापस कभी भी नहीं आया

 

इस तरह हमें इस कहानी से शिक्षा मिलती हैं कि हमें कभी भी किसी भी समय चिंता (worry) नहीं करनी चाहिए क्योंकि हर समस्या का समाधान होता है हमें सब कुछ समय के ऊपर छोड़ देना चाहिए और बस  अपने कर्म करते रहना चाहिए क्योंकि चिंता चिता के बराबर है 

 

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लालची दुकानदार और बीरबल

एक बार गांव के कुछ लोग राजा अकबर के दरबार में एक दुकानदार (shopkeeper) के खिलाफ शिकायत लेकर जाते हैं  कि यह दुकानदार बहुत ही ज्यादा बेईमानी (Cheating) कर रहा है दरबार में बीरबल भी इन सभी बातों को बड़े ही ध्यान से सुन रहे थे

अगले दिन बीरबल उस दुकानदार के पास गए और वहां से तीन बड़े-बड़े पतीले (Pot) खरीद कर ले आये और साथ में बगल की दुकान से बाकी पतीले से मिलता हुआ एक छोटा पतीला (pot) खरीद लिया

और लगभग 2 दिन बाद बीरबल बेईमान दुकानदार के पास छोटा वाला पतीला लेकर गए और कहां यह पतीला रख लो तुम्हारे बड़े पतीले ने छोटे पतीले को जन्म (birth) दिया है दुकानदार तो पहले से ही चलाक था उसने चुपचाप छोटे से पतीले को रख लिया

 लगभग एक महीने (month) बाद बीरबल फिर से उस पतीले वाले की दुकान पर गए और इस समय वह एक बड़ा पतीला (Pot) लेकर गए और कहां तुम अपना बड़ा पतला रख लो और मुझे मेरे पैसे (money) वापस दो दुकानदार बोला तुम मुझे तीनों बड़े पतीले ला कर दो तब मैं तुम्हें तुम्हारे पैसे वापस दूंगा

 बीरबल ने कहा मुझे माफ करना पर बाकी के दो पतीले की मृत्यु (death) हो चुकी हैं इसलिए तुम अपना यह पतीला लो और मुझे मेरे सभी Pots के पैसे वापस दे दो 

इस बार दुकानदार को birbal के सभी पैसे वापस करने पड़े और उस दिन के बाद से इस बेईमान दुकानदार ने बेईमानी (cheating) करना पूरी तरह से बंद कर दिया क्योंकि एक शेर को सवा शेर मिल चुका था

 इस तरह हमें इस कहानी से शिक्षा मिलती हैं कि हमें हमेशा सीधा (simple) बनकर नहीं रहना चाहिए जब भी हमें ऐसा महसूस होता है कि कोई व्यक्ति चालाकी  करके धोखा (cheat) या फिर हमारा शोषण  करने की कोशिश कर रहा है तो हमें ऐसे में बुद्धिमानी  (wise) से काम लेकर ऐसे चलाक लोगों को सबक सिखाना चाहिए 

 

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शरीबी और बाबा

 एक शराबी था जो हमेशा शराब (Alcohol) पिया करता था जिससे ना सिर्फ उसके परिवार के लोग बल्कि गांव के सभी लोग बहुत ज्यादा परेशान थे क्योंकि वह शराब पीने के बाद कभी भी होश (Conscious) में नहीं रहता था हमेशा लोगों से लड़ना या अपने परिवार से झगड़ा करता था

जिसके कारण इससे हर कोई परेशान था और उसके घर की स्थिति (situation) भी खराब होते जा रहे थी और शराबी बहुत ज्यादा परेशान हो गया था जब भी  वह सुबह उठता तो वह यह सब देखकर हैरान (shocked) होता था कि मैंने क्या कर दिया क्योंकि वह शराब पीने के बाद पूरी तरह से अपने आप को खो देता था

 उसने बहुत से लोगों से सलाह (suggestions) ली की मुझे क्या करना चाहिए अब शराब मेरी लत बन गई है और मुझे शराब नहीं छोड़ रही है मैंने बहुत कोशिश की पर मैं इसका आदी (Addicted) हो चुका हूं तभी एक गांव वाले ने सलाह दिया कि तुम्हें गांव से 2 किलोमीटर दूर एक बाबा (Monk) रहते हैं उनके पास जाना चाहिए वह तुम्हें कोई ना कोई रास्ता (Way) जरूर दिखा देंगे

अगले दिन शराबी  बाबा के पास गया और बताया बाबा शराब की वजह से मेरे घर की हालत बहुत ज्यादा खराब (worst) हो गई है और गांव के सभी लोग मुझे भला बुरा कहते रहते हैं मैं क्या करूं मै शराब छोड़ना (Give up) चाहता हूं पर शराब मुझे छोड़ती ही नहीं और उसके बाद बाबा ने कहा तुम ऐसा करो तुम कल सवेरे 5:00 बजे मेरे पास आना जब मैं बाहर टहल (walk) रहा होता हूं

 अगले दिन शराबी सुबह सुबह 5:00 बजे आया तो उसने देखा बाबा  एक पेड़ (tree) से चिपके हुए हैं तो शराबी ने कहा बाबा आप यह क्या कर रहे हैं आप  पेड़ से क्यों चिपके हुए है तब बाबा ने कहा मैं पेड़ से नहीं चिपका (paste) हुआ बल्कि यह पेड़ मुझे छोड़ ही नहीं रहा है

 यह सुनते ही शराबी की आंखे खुल गई है और वह समझ गया कि वह शराब को नहीं छोड़ रहा है

 और अगले ही दिन से शराबी ने शराब को छोड़ दिया और उसके बाद उसने कभी भी शराब को हाथ नहीं लगाया और हर हफ्ते बाबा के पास जाने लगे बाबा से नई-नई तरह के ज्ञान (knowledge) लेने लगा ताकि अपने आप को अधिक से अधिक व्यस्त (busy) रख सके

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राजा और तीन  बालक

उदयपुर के राजा हमेशा की तरह जंगलों में अकेले ही शिकार (hunt) पर जाया करते थे पर 1 दिन शिकार का पीछा करते करते हैं अपना रास्ता भूल (lost) गए और जंगल में उन्हें बहुत ज्यादा भटकना पड़ा जिसकी वजह से वह बुरी तरह से थक (tired) गए थे और किसी तरह से उन्होंने जंगल से निकलने का रास्ता (way) ढूंढ लिया

 पर जैसा कि वह काफी देर तक भटके थे जिसकी वजह से भूख (hungry) और प्यास बहुत ज्यादा बढ़ चुके थी तभी उन्होंने देखा कि गांव के 3 बच्चे वहां से गुजर रहे हैं और राजा ने बच्चों से कहा बच्चों क्या तुम मेरे लिए खाने (food) पीने का इंतजाम कर सकते हो तीनों बच्चे दौड़ते हुए गए और घर से कुछ खाने के लिए ले आए

 राजा खा पीकर अच्छा feel करने लगे और उन्होंने तीनों बच्चों से बोला,  बोलो तुम्हें क्या चाहिए मैं तुम्हें देना चाहूंगा तुम जो मांगोगे (demand) मिलेगा यह सुनते ही एक balak बोला महाराज मुझे बहुत बड़ा सा घर (House) और धन चाहिए ताकि मैं जिंदगी भर आराम से रह सकूं

राजा बोले ठीक है तुम्हें यह मिल जाएगा तभी दूसरा वाला सुनकर हैरान (shocked) हो गया और बोला महाराज मुझे आप बहुत सारा धन (money) दे दो मैं शहर जाकर रहना चाहता हूं और वहां पर अपने लिए एक नया व्यवसाय (business) शुरू करूंगा महाराज ने कहा ठीक है तुम्हें धन मिल जाएगा अब महाराज ने देखा तीसरा (third child) वाला बहुत ही चुप है तो उन्होंने पूछा बोलो बालक तुम्हें क्या चाहिए

 क्या तुम्हें बहुत सारा धन दोलत चाहिए तब तीसरे बालक ने कहा नहीं महाराज उच्च कोटि की शिक्षा (high education) चाहिए ताकि में पढ़ लिख कर एक बहुत बड़ा विद्वान बन सकूं महराज खुश (happy) हुए और कहा मैं तुम्हारे लिए उच्च कोटि की शिक्षा का प्रबंध करा दूंगा

 और उसके बाद महाराज ने अपने मंत्री (minister) से कहकर तीनों बालकों के मांगों को पूरा करा दिया इस तरह समय बीतता गया और हर कोई बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि उन्होंने जो भी मांगा था मिल गया पर पहला बालक जिसने बहुत सारे धन और एक बड़े घर की मांग की थी

 अपना सारा धन ऐसो आराम में लुटाता (spend) गया जिससे उसके पास सारा धन खत्म हो गया और 1 दिन गांव में बाढ़ (flood) आने की वजह से उसका बड़ा सा घर भी पूरी तरह से बर्बाद (ruin) हो गया और दूसरा वाला balak जिसने व्यवसाय शुरू करने के लिए बहुत सारा धन लिया था उसने शहर में जाकर बिना जांचे परखे (analysis) एक बहुत बड़ा व्यवसाय खड़ा कर दिया पर यह पूरी तरह से डूब गया क्योंकि दूसरे बालक के पास कोई भी अनुभव (experience) नहीं था और व्यवसाय शुरू करने से पहले किसी तरह की कोई भी जांच पड़ताल नहीं की

 

 तीसरा वाला जो बहुत ज्यादा पढ़ना चाहता था वह पढ़ता गया हमेशा कक्षा (class) में हमेशा अवल (first) आया और एक बहुत बड़ा विद्वान बन गया जो आगे चलकर राजा का मंत्री घोषित कर दिया गया इस तरह से तीसरा बालक ज्ञान के बल पर मंत्री बन गया

 एक दिन जब तीनों बालक (Three boys) मिले तो बाकी दोनों बालकों ने विद्वान बालक से कहा कि हमने उस दिन बहुत बड़ी गलती (blunder) कर दी कि हमने बहुत सारा धन मांग लिया तब तीसरे बालक ने कहा था तो धन ऐसी चीज है जो कभी रुकती नहीं वह हमेशा आते जाते रहती हैं पर शिक्षा एक ऐसी चीज है जो हमेशा आपके पास रहती है और बांटने से उतनी ज्यादा बढती है और अगर शिक्षा की तुलना धन  की जाए तो शिक्षा हमेशा से उच्च रहा है 

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जादूगरनी

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एक गांव में एक दुष्ट जादूगरनी (bad magician) रहती थी जादूगरनी ने अपने घर के आस-पास बहुत सारे गुलाब (Rose) के फूल के पेड़ लगा रखे थे एक दिन एक महिला मंदिर में पूजा करने जा रहे थे पर वह बाजार (market)से फुल खरीदना भूल गई पर उसने देखा बहुत सारे गुलाब के फूल के पेड़ हैं

 वहां गई और उसने वहां से गुलाब का फूल तोड़ लिया तभी जादूगरनी आ गई और उसने यह सब देख लिया और उसने उसी समय महिला को श्राप (curse) दे दिया कि तुम भी एक फूल बन जाओ और टहनी में लटक जाओ

 महिला बहुत तेज कर रोने लगी और कहने लगी जादूगरनी मुझे माफ (forgive) कर दो मुझे बिल्कुल भी नहीं पता था कि आपका घर है नहीं तो मैं कभी भी आपके यहां से कोई भी फूल नहीं तोडती 

 जादूगरनी ने कहा अब तो मैंने जो कह दिया है वह होकर ही रहेगा पर तुम चाहती हो तो मैं तुम्हें रात (night) में तुम्हें अपने घर पर जाने दे सकती हूं लेकिन हर सुबह तुम्हे  यहां पर आना होगा और तुम दोबारा फुल (flower) बन कर टहनी अब लटक जाओगे और अगर तुम्हे इस श्राप से आजादी (free) पानी है तो किसी व्यक्ति को तुम्हें फूल के रूप में पहचानना होगा

 और उसके तुरंत बाद महिला गुलाब का फूल बनकर लटक गई और जैसे ही रात हुई है फूल ने दोबारा से महिला का रूप ले लिया जब महिला रात के समय अपने घर पर गई तो उसने यह सारी बात अपने परिवार (family) से बताइ

 तब महिला का बेटा बोला मां आप कल सुबह जाऊं मैं वहां पर आकर आपको पहचान (identify) लूंगा और अगले दिन सुबह होते ही महिला दोबारा वहां पर गई और वे फूल बनकर टहनी पर लटक गई  उसके तुरंत थोड़ी देर बाद महिला का बेटा (son) वहां पर आया तो उसने देखा वहां पर हजारों गुलाब के फूल थे

 और उसे उनमें से एक ऐसा गुलाब का फूल धुन्दाना (find) था जो उसकी मां थी उसने सभी गुलाब के फूलों को बड़े ही गौर से देखना शुरू कर दिया लगभग कुछ घंटों के बाद उसने एक फूल को देखकर कहां यही मेरी मां है जिससे जादूगरनी का जादू टूट (Fail) गया उसके तुरंत बाद वह  फूल उसकी मां के रूप में बदल गया

 उसकी मां ने जल्दी से अपने बेटे को गले (hug) लगा लिया उसके बाद माँ ने  पूछा तूने मुझे कैसे पहचाना तब उसके बेटे ने बताया मां आप सुबह आई हो  बाकी सभी फूल रात में यहां खुली बादलों (cloud) की छांव में थे जिसकी वजह से इन पर ओश जमी हुई है  इसलिए मैंने आपको आसानी से पहचान लिया

 यह सब खेल जादूगरनी देख रही थे और उसने मां बेटे के प्यार (love) को देख कर बहुत ही सराह और उसके बाद से जादूगरनी ने लोगों की भलाई के लिए काम करना शुरू कर दिया

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