kisan ki kahani

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kisan ki kahani – एक समय की बात है एक गांव में एक किसान रहता था वह किसान बहुत ही मेहनती था हर दिन बहुत मेहनत करता था और उसके पास बहुत सारे खेत और धन भी था परंतु वह एक बात से परेशान था कि उसके बेटे कोई भी काम नहीं किया करते थे बस खाया पिया और मौज किया  करते थे

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परंतु तीनों बेटे अपने पिताजी से बहुत ज्यादा  प्यार करते थे किसान दिन भर मेहनत करता और रात में घर पर जाता तो देखता कि तीनों बेटे आराम से सोए हुए हैं वह किसान हमेशा उन तीनों को समझाने की कोशिश किया करता था परंतु वह समझते नहीं थे क्योंकि उन्हें लगता था कि हमारे पिता सब कुछ संभाल लेंगे

Ek kisan ki kahani

परंतु एक दिन उनके पिता की तबीयत बहुत खराब हो जाती है और वह तीनों बहुत घबरा जाते हैं और डॉक्टर को बुला कर लाते हैं परंतु डॉक्टर कहता है अब तुम्हारे पिता ज्यादा दिन तक नहीं जी पाएंगे इसलिए यह जो भी कहते हैं उनकी बात को मान लो और वैसा ही करो और किसान अपने तीनों बेटों को कहता है कि मैंने खेत में बहुत सारा धन दौलत छुपा कर रखा हुआ है जाकर निकाल लेना कभी फुर्सत से और कुछ ही दिनों बाद उस किसान की मृत्यु हो जाती है तीनों बेटे कुछ दिन तक घर पर ही अपने पिता की मृत्यु का अफसोस करते रहते हैं

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परंतु जब खाने का सामान खत्म होने लगता है तो तीनों सोचते हैं खाने के लिए तो कुछ ना कुछ तो करना ही पड़ेगा और वह तीनों खेत की तरफ जाकर धन तलाश करने लगते हैं परंतु उन्हें कोई धन नहीं मिलता और वह पूरे ही खेत को खोद खोद कर बीज बोने लायक कर देते हैं तभी उनके पिता का दोस्त उधर से जा ही रहा होता है वह कहता है अगर खेत को बीज बोने लायक कर दिया है तो बीज भी बो दो और तीनों भाई बीज बो देते हैं

उस साल अच्छी खासी बारिश भी होती है और मौसम भी बहुत बेहतरीन होता है और कुछ महीनों बाद फसल भी आ जाती है और तीनों भाई खेत की तरफ जाकर देखते हैं तो वह समझ जाते हैं कि हमारे पिता किस खजाने की और धन दौलत की बात कर रहे थे और उसके बाद वे तीनों भरपूर मेहनत करना शुरू कर देते हैं क्योंकि उन्हें पता चल चुका था कि जितना फसल लगायेंगे और काटेंगे उतना ही धन इकट्ठा कर पाएंगे

और तीनो भाई बहुत मेहनत करना शुरू कर देते हैं और कुछ ही  वर्षों में वे तीनों भाई अच्छी खासी राशि इकट्ठा कर लेते हैं और कुछ और खेत खरीद लेते हैं और अपने लिए अच्छा खासा घर भी बना लेते हैं

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