जादुई पेंसिल की मनोरंजक कहानिया

Jadui pencil  एक बार की बात है एक गांव में एक बहुत ही गरीब (Poor)  बच्चा रहता था जिसका नाम सूरज था जिसका कोई भी नहीं था वह बस किसी तरह से लोगों से मांग कर या मेहनत करके खाना (food) खा लेता था और लोग उसकी गरीबी को देखकर उसे कुछ पैसे (Money) या खाना (food) दे दिया करते थे पर सूरज बहुत ही ज्यादा मेहनती (hardworking) था

वह हर रोज मेहनत करता था  वैसे तो उसके पास कोई भी काम नहीं था पर वह लोगों के पास जाकर काम (work) मांगता था और जो भी काम उसे दिया जाता था वे उस काम को अच्छे (very well) से किया करता था और सूरज को कुछ पैसे मिल जाया करते थे और जिससे वह अपनी पढ़ाई (study) को कर लिया कर लिया करता था

Jadui pencil

सूरज को परियों (Angel) पर बहुत ज्यादा विश्वास था इसलिए वह ज्यादातर परियों की कहानी को पढ़ा करता था एक दिन जब वह सो रहा था तब  उसके सपने (Dream) में एक परी आती है और एक जादुई पेंसिल (Magic Pencil) देकर उसे कहती है कि तुम इस पेंसिल से जो कुछ भी बनाओगे वह सब असली (true) में बन जाएगा

पर जब सुबह सूरज उठता है तो सोचता है वह तो एक सपना था पर वह अपने बगल में देखता है एक जादुई पेंसिल (magic Pencil) है और वह पेंसिल को उठा कर जल्दी से अपने लिए नाश्ता (Breakfast) बनाता  है जैसे ही  बनाता है वह सचमुच में नाश्ता बन कर सामने आ जाता है

सूरज देखकर बहुत ही ज्यादा हैरान (shocked) हो जाता है और वह समझ जाता है कि यह पूरी तरह से एक जादुई पेंसिल है और नाश्ता खा कर अपने लिए कपड़े जूते सभी आवश्यक चीजें (needy) बना लेता है जो उसे हमेशा से पसंद थी और कुछ समय बाद में अपने सभी poor दोस्तों को बुलाता है और उनके लिए भी कपड़े  जूते किताबें  (books) बनाता है

यह बात पूरे गांव में फैल जाती है और इस तरह बात गांव के राजा (king)  प्रभु राज को पता चल जाती है जिसकी वजह से सूरज को राजा के दरबार में बुलाया जाता है और कहा जाता है कि आपको राजा के लिए वहां पर हीरे (diamond) और मोती  बनाने हैं

सूरज जैसे ही राजा के दरबार में जाता है राजा suraj से ढेरों सारे हीरे और मोती बनाने के लिए कहता है पर सूरज मोती और हीरे बनाने से मना कर देता है और कहता है इस जादुई पेंसिल का इस्तेमाल मैं सिर्फ गरीब  लोगों (poor people) कि मदद करने के लिए करता हूं और मैं आपके लिए हीरे और मोती नहीं बनाऊंगा

यह सुनते ही राजा को क्रोध (angry) आ जाता है और वह सूरज को काल कोठरी (jail) में डलवा देता है जहां पर बहुत ज्यादा अँधेरा  होता है पर सूरज बिल्कुल भी नहीं डरता क्योंकि उसके पास जादुई पेंसिल होती हैं और वह वहां पर सबसे पहले रोशनी (light) का इंतजाम करता है उसके बाद वह काल कोठरी में रास्ता (Way) बना कर भाग निकलता है

इस तरह से राहुल कालकोठरी से निकलने के बाद बहुत से गरीब लोगों की मदद (help) करता है और उनके लिए जरूरत का सामान बनाकर उन्हें हमेशा देता रहता है

इस तरह से सभी गरीब लोग अपने पैरों पर खड़े (independent) हो जाते हैं और अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर देते हैं जिससे अब उन्हें कभी भी किसी के सामने हाथ फेलाने की जरूरत नहीं पड़ती

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Jadui pencil ki kahani

दीपक जो पांचवी कक्षा में पढ़ता था  वह पढ़ाई में बहुत ज्यादा कमजोर (week) था क्योंकि वह कभी भी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देता था और उसके अंदर हमेशा से कमी थी कि वह कभी भी स्कूल से दिया गया Homework नहीं करता था

 जिसकी वजह से उसके मां-बाप बहुत ज्यादा परेशान थे और teacher भी उसे हमेशा कक्षा के बाहर खड़ा कर दिया करते थे पर फिर भी यह नहीं सुधरा करता था और हर रोज नए नए बहाने बना दिया करता था

एक दिन जब वह कक्षा में था तो Madam उससे उसके  Homework के बारे में पूछती है तो वह झूठ बोलता है कि मैं जब आ रहा था तो गलती से मेरी किताब कीचड़ में गिर गई जिसकी वजह से पूरी तरह से गंदी हो गई है और मैं उसे नहीं ला सका इस तरह से वह बहाना (Excuse) बनाता है पर madam जानती  थी  कि यह बहाना बना रहा है जिसकी वजह से उसे बाहर भेज दिया जाता है

और दीपक हमेशा की तरह खुशी-खुशी बाहर चला जाता है और पूरे दिन खड़ा रहता  हैं और जब कक्षा खत्म हो जाती है तो अपना  bag लेकर घर की तरफ चल देता है जब वह अपने दोस्तों (friends) के साथ घर पर जा रहा होता है  तब वह रास्ते में किसी चीज से टकराता है उस चीज को खोदकर निकालता है तब वह पाता है कि यह तो एक Pencil है और दीपक अपने जेब में रख लेता है

जब वह घर पर पहुंचता है तो उसकी शिकायत (complain) उससे पहले घर तक पहुंच चुकी होती हैं और दीपक की मम्मी उसे बहुत ही ज्यादा डाटती हैं और कहती हैं कि अगर आज वो अपना Homework पूरा नहीं करेगा तो  तुझे खाना नहीं दूंगी

इसलिए अब दीपक को मजबूरन अपने school का काम करना पड़ता है पर वह देखता है कि उसके पास तो काम करने के लिए pencil नहीं है और वहां अपनी मम्मी से कहता है कि मेरे पास तो Pencil नहीं है दीपक की मम्मी कहती हैं कि मैंने तुझे कुछ दिन पहले ही तो pencil  खरीद कर दी थी

दीपक थोड़ी देर सोचता है ध्यान आता है कि रास्ते में उसे एक pencil मिली थी  वह उस pencil  को अपने pocket से निकलता है और जैसे ही copy खोल कर काम करना शुरू करता है तो वह देखता है कि pencil तो अपने आप ही बहुत जल्दी जल्दी Homework को कर रही हैं

और सिर्फ कुछ ही देर में उसका पूरा Homework हो जाता है और वह चुपचाप अपनी जादुई पेंसिल को अपने Bag में छुपा देता है और कहता है कि मम्मी मैंने काम पूरा कर लिया और इसके बाद दीपक को खाना मिल जाता है

और अगले दिन जब स्कूल जाता है तो मैडम उसे  कहती है कि तुम बाहर जाकर खड़े हो जाओ क्योंकि तुमने आज भी अपना homework नहीं किया होगा पर दीपक बुलंद आवाज में कहता है कि Madam आज मैंने अपना काम पूरा किया है और वह अपने Copy खोलकर मैडम के सामने रख देता है

मैडम देखकर बहुत ही ज्यादा हैरान हो जाती है और उसने जो Homework किया होता है उससे अनेकों तरह के सवाल पूछने लगती है पर दीपक किसी भी Question का जवाब नहीं दे पाता और उसे बहुत ही ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होती हैं और Madam समझ जाती हैं कि यह काम उसने किया ही नहीं  बल्कि यह तो किसी के द्वारा करवाया गया है

इस तरह  जब दीपक घर पहुंचता है तो वह सारी बातें अपने मम्मी को बताता है तो फिर दीपक की मम्मी कहती हैं कि बेटा जादुई पेंसिल (Magic pencil) तेरे लिए काम तो कर सकती है पर तुझ ज्ञान (knowledge) नहीं दे सकती उसके बाद दीपक को जादुई पेंसिल को घर के पास जंगल में दफना आता है

और अगले ही दिन से मैं अपना पूरा Homework खुद करता है और वह समझ जाता है कि जब तक हम किसी कार्य को खुद नहीं करते हमें उसका ज्ञान नहीं हो सकता 

 

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