सुनहरी जादुई मछली की मनोरंजक कहानी

केरल के गांव में सुबोध मछुआरा अपने परिवार (family) के साथ रहता था  सुबोध बहुत ज्यादा इमानदार (honest)और मेहनत पर विश्वास करने वाला इंसान था वह कभी भी कोई भी लालच नहीं करता था  पर इसकी पत्नी सुबोध के बिल्कुल विपरीत (opposite) थी वह हमेशा लालच किया करती थी

 

सुबोध हमेशा की तरह अपना नाव (boat) लेकर नदी के बीचों-बीच मछली पकड़ने जाया करता था सुबोध के दो बच्चे थे जिन्हें वह Private school में भेजना चाहता था ताकि उन को अच्छी शिक्षा मिल सके पर उसके घर के हालात इतने अच्छे नहीं थे जिसकी वजह से उन्हें सरकारी School में पढ़ा रहा था

 

 पर वह अपने बच्चों के लिए पैसे इकट्ठा करने की कोशिश कर रहा था पर घर में अधिक खर्च (expense) होने के कारण और आय कम होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहा था और इसकी बीवी (wife) हमेशा सुबोध को ताना दिया करती थी  कि आप  मछली ठीक से नहीं पकड़ते हैं इसलिए हमारे घर की स्थिति (status) ऐसी है 

Jadui machli ki kahani

 एक दिन जब बीवी के ताने सुन कर मछली पकड़ने जा रहा था वह बहुत ज्यादा दुखी (Sad) था और भगवान से दुआ कर रहा था कि आज उसके जाल में बहुत सारी मछलियां फंस जाए जिससे वह एक बार में बहुत सारा पैसा (money) कमा ले 

 इसलिए सुबोध नदी में बहुत दूर तक चले जाता है ताकि उसे ढेर सारी मछलियां मिल सके और वह अपना जाल (Net) दो  बार नदी में डालता है पर उसे एक भी मछली नहीं मिलती है जब वह तीसरी बार जाल को नदी  में फेंकता है तो उसके जाल में एक सुनहरी मछली (golden fish) फस जाती है

 

सुबोध जब जाल को खींचता है तो वह देखता है कि जाल तो थोड़ा भारी है उसे समझ आ जाता है कि एक मछली फसी है और जैसे ही ऊपर खींचता है तो  देखता है कि इसमें एक सुनहरी मछली (Magic fish) फसी हुई है और जल्दी से मछली को अपने हाथ में उठाता है पर वह देखता है कि यह मछली तो बाकी सभी मछली से बहुत ही अलग (differ) है

Jadui machli

फिर थोड़ी देर बाद सुनहरी मछली बोलने लगती है और कहती है सुबोध तुम मुझे छोड़ दो इसके बदले तुम्हें जो चाहिए मैं तुम्हें दे दूंगी सुबोध यह सुनकर हैरान (shocked) हो जाता है कि यह तो एक बोलने वाली मछली है जो मेरा नाम भली-भांति जानती है पर सुबोध कहता है मैं तुम्हें नहीं छोडूंगा क्योंकि मैंने बड़ी मेहनत (hard work) करके तुम्हें पकड़ा है

 

 पर सुनहरी  मछली रोने लगती है और कहती है  मुझे छोड़ दो मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द (pain) हो रहा है और मुझे सांस लेने में बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है मैं थोड़ी देर में मर (die) जाऊंगी तुम मुझे छोड़ दो तुम्हें जो भी चाहिए मैं तुम्हें दे दूंगी मुझे पता है तुम बहुत ही ज्यादा ईमानदार इंसान (honest person) हो इसलिए मैं तुम्हारे साथ किसी भी तरह का कोई धोखा नहीं करूंगी  मुझे छोड़ दो थोड़ी देर में मेरी जान निकल जाएगी

 

सुबोध रहम खा कर सुनहरी मछली को पानी में छोड़ देता है थोड़ी देर बाद मछली पानी के ऊपर आती है और सुबोध से पूछती है तुम बताओ तुम्हें क्या चाहिए मैं तुम्हें दूंगी सुबोध बहुत ही ज्यादा इमानदार होता है इसलिए वह अपने परिवार के अच्छे गुजर-बसर के लिए और अपने बच्चों को Private school में पढ़ाने के लिए कुछ पैसे मांग लेता है

 

 जादुई मछली बोलती है कि तुम अपनी टोकरी  (bucket) को खोल कर देखो तुम्हारे पैसे तुम्हारे टोकरी में भरे हुए हैं और सुबोध जैसे ही अपने टोकरी को देखता है तो वह देखता है कि टोकरी पूरे पैसे (full of money) से भरी हुई है

 और उसके बाद जादुई मछली सुबोध से यह कहती है कि अगर तुम्हें कभी भी कुछ भी चाहिए हो तुम मेरे पास आ जाना मैं तुम्हें खुशी खुशी देना चाहूंगी क्योंकि तुमने मेरी जान को बक्श (free) दिया है उसके बाद सुबोध जादुई मछली का शुक्रिया (thank) अदा करके अपने घर पर चला जाता है

 

 जब वह अपने घर पर जाता है और सारी कहानी अपनी पत्नी को सुनाता है तो उसकी पत्नी को  सुबोध पर क्रोध (angry) आ जाता है और कहती हैं कि तुमने हमारे लिए सोने जेवरात (gold) क्यों नहीं मांगे और हमारे पास एक छोटा सा घर है अच्छे से रहने के लिए तुमने हमारे लिए एक बड़ा सा घर क्यों नहीं मांगा

 

सुबोध की पत्नी बहुत ही ज्यादा लालची थी पर सुबोध ने सोचा चलो मैं मछली से घर और सोने जेवरात मांग लेता हूं और अगले दिन सुबोध जादुई मछली के पास जाता है और अपने लिए एक अच्छा सा घर (home) और अपने धर्मपत्नी के लिए बहुत सारे सोने जेवरात लेकर जाता है

पर कुछ दिनों बाद सुबोध की पत्नी को रानी बनने का उपाय (trcks)आता है और वह अपने पति से कहती है कि मुझे रानी (Queen) बनना है सुबोध फिर से मछली के पास जाता है और फिर से जादुई मछली को बुलाकर अपने धर्मपत्नी को रानी बनाने के लिए कहता है और जादुई मछली सुबोध की पत्नी को रानी बना देता है

 

 जब सुबोध घर पर आता है तो वह देखता है कि पत्नी बहुत ही खूबसूरत (beautiful) रानी बन चुकी है कुछ दिनों बाद फिर से सुबोध की पत्नी के मन में ख्याल आता है की उसके पास बहुत सारा सोना (gold) हो और इस बार वह Suabodh  से एक आखरी इच्छा पूरी करने के लिए कहती है कि मैं जिस भी वास्तु को छु वह वस्तु सोने में बदल जाये 

सुबोध सोचता है की यह इसकी पत्नी की आखिरी ख्वाहिश (wish) है चलो इसे पूरा कर दिया जाए और वह दोबारा jadui machli के पास जाता है और अपनी धर्मपत्नी की इच्छा भी पूरी कर देता है और घर जाकर देखता है कि घर के सभी बर्तन घड़ी कुर्सियां सब चीज सोने में बदल चुकी है

 

और सुबोध की पत्नी थक हार कर अपने बिस्तर (bed) पर बैठी हुई है उसके तुरंत थोड़ी देर बाद सुबोध के दोनों बच्चे स्कूल से आते हैं और सुबोध की पत्नी अपने बच्चों को जैसे ही प्यार से हाथ लगाती है दोनों बच्चे सोने (gold) के बन जाते हैं और अब सुबोध और उसकी पत्नी दोनों फूट-फूटकर  बहुत ज्यादा रोने लगते हैं

और दोनों  दौड़ते हुए नदी के पास जाते हैं और सुबोध चिल्ला चिल्ला कर जादुई मछली (jadui machli) को बुलाता है और कहता है जादुई मछली तुम मेरे बच्चों को दोबारा से सही कर दो यह सब मेरी धर्मपत्नी के लालच की वजह से हुआ है जादुई मछली  दोबारा से उनके बच्चों को ठीक कर देती है

 

और वह खुशी से अपने घर पर चले जाते हैं और देखते हैं कि उनके बच्चे (children) एक दूसरे के साथ खेल रहे हैं और उस दिन के बाद सुबोध कभी भी मछली पकड़ने नहीं जाता और उसका खुशहाल परिवार खुशी-खुशी अपने जीवन को  व्यतीत करते हैं और उसकी धर्मपत्नी अपने लालच को पूरी तरह से त्याग देती है 

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