Jadui ghar ki kahani | Magical home story

Jadui ghar एक गांव में रामू और श्यामू 2 दोस्त रहते थे रामू बहुत ही ज्यादा आलसी (lazy) था और वह कभी भी कोई भी काम नहीं करना चाहता था वह बस खाना घूमना और उसके बाद सोना (sleeping) पसंद करता था इसकी वजह से रामू की मां बहुत ही ज्यादा परेशान थी क्योंकि रामू कभी भी कोई भी काम नहीं करता था और ना ही अपने पापा (father) के साथ खेतों में जाया करता था

 हर रोज रामू की मां रामू को बहुत ही ज्यादा सुनती थी पर फिर भी रामू नहीं सुधरता था उसका हर रोज एक ही काम था सुबह (morning) उठना पेट भर खाना खाना दोस्तों (friends) के साथ बाहर घूमना उसके बाद रात (night) में आकर खाना खाकर फिर सो जाना और वह दिन भर अपने दोस्त श्यामू को साथ  घूमा करता था

 

 एक दिन श्यामू को शहर से कुछ लाना था इसलिए श्यामू ने सोचा (think) क्यों ना रामू को साथ ले जाया जाए और वे दोनों शहर (city) की तरफ निकल जाते हैं रास्ते में जाते-जाते रात (night) हो जाती है  क्योंकि शहर बहुत ही ज्यादा दूर होता है और उन दोनों को आराम (rest) करने के लिए एक पेड़ के नीचे रुकना पड़ता है

Jadui ghar ki kahani

 श्यामू थोड़ी देर के लिए आराम करने के लिए आंखें बंद (close) कर सो जाता है रामू वहां बैठकर इधर उधर देख रहा होता है तो वह देखता है कि पेड़ (tree) के ऊपर कहीं से रोशनी आ रही है तो  वह समझ नहीं पाता कि जंगल में रोशनी (light) कहां से आ रही है

 इसलिए वह श्यामू को उठाकर कहता है कि हमें एक बार पेड़  पर चढ़कर (climb) देखना चाहिए कि यह रोशनी कहां से आ रही  है और श्यामू कहता है कि यह रात का समय हमें यहां थोड़ी देर (a while) आराम करने के बाद चले जाना चाहिए पर रामू नहीं मानता और वह पेड़ पर चढ़कर देखने की कोशिश (try) करता है कि यह रोशनी कहां से आ रही है

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 वह जैसे ही उस पेड़ पर चढ़कर देखता है तो पाता है कि यह रोशनी तो जंगल में एक जादुई घर  (magic home) से आ रही है तभी वहां पर एक बाबा (Monk) आते हैं और उसे कहते हैं की यह  एक जादुई घर है इसमें तुम जो भी चाहते हो वह सब कुछ मिलेगा पर तुम्हें घर से बाहर तभी आ सकते हो  जब मैं तुम्हें इस जादुई घर  से बाहर आने के लिए अनुमति (permission) दूंगा

Jadui ghar

 तभी रामू पूछता है क्या मुझे इस जादुई घर  में खाने पीने के लिए मिलेगा साधु कहते हैं जी हां बिल्कुल आपको जो चाहिए वह सब कुछ (everything) जादुई घर  के अंदर मिलेगा पर तुम घर से बाहर तभी आ सकते हो जब मैं अनुमति दूंगा रामू यह सुनकर बहुत ज्यादा खुश हो जाता है और वह श्यामू से जादुई घर  के अंदर जाने के लिए कहता है पर श्यामू मना (deny) कर देता है

और रामू को घर के अंदर जाने के लिए मना करता है पर रामू बिल्कुल भी नहीं मानता और वह Jadui ghar के अंदर जाने लगता है रामू जैसे ही जादुई घर  के अंदर जाता है जादुई घर  का दरवाजा (doors) बंद  हो जाता है और वह अंदर देखता है जादुई घर  तो किसी महल (Palace) से कम नहीं और वह अंदर जाने के बाद सबसे पहले बहुत सारा खाना (food) मांगता है 

 

और वह जैसे ही खाना मांगता है उसके समाने बहुत सारा खाना आ जाता है रामू खाना खाकर खुशी खुशी (happily) सो जाता है और उसे जब भी भूख लगती है वह खाना मंगाता है और खा कर सो जाता  इस तरह में बहुत ही ज्यादा खुश होता है और हर रोज (daily) वह यही कर रहा था

 पर कुछ दिनों बाद बहुत ही ज्यादा अकेला (alone) महसूस कर रहा होता है और खाना खाना और सोने से बहुत ज्यादा परेशान हो जाता है क्योंकि उसे बाहर की आजादी (freedom) नहीं मिल रही होती और खाने पीने के अलावा उसके पास कोई और काम ही नहीं होता इसे बहुत ज्यादा परेशान हो जाता है 

 

 1 दिन तक वह तंग आकर साधु बाबा को बुलाता है और कहता है मुझे अब इस जादुई घर  में नहीं रहना कृपया (please) करके मुझे बाहर निकाल दो मैं बहुत ही ज्यादा परेशान (troubled) हो गया हूं

 तभी उसी समय उसकी मां की आवाज आती है रामू जल्दी उठ (wake-up) बहुत ज्यादा देर हो गई है तू बहुत ज्यादा समय से सो रहा है रामू जैसे ही आंखे (eyes) खोलता है तो देखता है वह तो अपने घर पर है

 

 उसके बाद उसे एहसास (realized)  होता है कि मैं तो एक सपना (dream) देख रहा था पर पूरी तरह से समझ जाता है कि जिंदगी में मेहनत करना कितना जरूरी है और इस तरह से रामू अगले ही दिन से अपने पिताजी के साथ खेतों (field) में जाकर काम करने लगता है और कभी भी आलस नहीं करता 

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