Garib aur amir ki kahani | गरीब की कहानी

एक बार की बात है जब राजा (king) विक्रमादित्य दिल्ली में शासन कर रहे थे तब उनके घर पर एक बहुत ही सुंदर पुत्र ने जन्म (birth) लिया और इसके लिए उन्होंने पूरे शहर में बड़े ही धूमधाम से दावत (party) का निमंत्रण सभी लोगों को दिया

अपने पुत्र की भविष्यवाणी जानने के लिए उन्होंने उस समय के सबसे महान Pandit को बुलाया था ताकि वे उनके पुत्र की भविष्यवाणी बता सके तब महान पंडित ने बताया कि आपका पुत्र बहुत ही अच्छा शासक (king) बनेगा पर इसकी शादी एक बहुत ही गरीब (poor) परिवार की लड़की से होगी जो इसी गांव में एक गरीब के घर में पैदा हुई है जिसने बिल्कुल अभी ही जन्म लिया है

Garib aur amir ki kahani

राजा यह सुनते ही गुस्सा हो गया और उन्होंने पंडित से पूछा क्या इसका कोई इलाज (solution) है तब महान पंडित ने बताया यह तो सब कुछ पहले से निश्चित (Future) है हम चाह कर भी इसे बदल नहीं सकते तब उस दिन से राजा विक्रमादित्य ने कभी भी अपने पुत्र को बाहर जाने नहीं दिया वह हमेशा पुत्र को घर के अंदर ही रखते थे 

और जब भी उनका पत्र उनसे पूछता था कि उन्हें बाहर (Out) क्यों नहीं जाने दिया जा रहा तो हमेशा दुश्मनों (enemy) से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बहाना बना दिया करते थे और वहां गरीब परिवार में जन्म लेने वाली लड़की मनोरमा अब २० year की हो चुकी थी और वह दिखने में बहुत भी ख़ूबसूरत थी जिसे देखते ही राजकुमार उनके दीवाने हो जाते और मनोरमा खाना बनाने में बहुत ही ज्यादामाहिर थी वह बहुत ही ज्यादा tasty खाना बनती थी 

राजकुमार 20 वर्ष के हो चुके थे जिस खुशी में महाराज ने पूरे गांव को दावत (party) पर बुलाया क्योंकि बहुत सारा खाना बनाना था इसलिए गाव से कुछ लोगों को भोजन बनाने के लिए बुलाया गया और उन लोगों में मनोरमा भी महल के अंदर आई और मनोरमा को स्वादिष्ट खाना बनाने का कार्य सौंपा (Assign) गया

Garib ladki ki kahani

एक दिन जब मनोरमा खाना बना रही थे तब वहीं से राजकुमार गुजर रहे थे और उन्होंने स्वादिष्ट खाना खाने का सोचा और खाना चखकर (taste) कहां आप तो बहुत ही ज्यादा अच्छा खाना बनाते हैं और इस तरह राजकुमार (king) और मनोरमा एक दूसरे से बातें करने लग गए 

और इस तरह वह हर रोज बातें किया करते थे पर एक दिन महाराज ने देखा कि राजकुमार किसी गांव के गरीब लड़की (poor girl) से बात कर  रहे है तभी वहा पर महान Pandit आ गए और उन्होंने बताया महाराज यही वह गरीब लड़की है जिसके बारे में मैंने भविष्यवाणी की थी

महाराज ने यह सुनते ही उस लड़के को महल से बाहर करवाया और गांव से दूर ले जाकर एक गहरी नदी (deep river) में फेंक दिया मनोरमा को तैरने नहीं आता था जिसकी वजह से वह डूबने लगी पर  वहीं पर पास में एक मछुआरा था वह अपने नाव (boat) को लेकर जल्दी से आया और मनोरमा को बचा लिया

और उसके बाद उसे अपने घर पर लेकर गया कुछ दिनों बाद मनोरमा बिल्कुल ठीक (fine) हो गई और मछुआरे ने उसे सब कुछ बताया कि उसने उसकी जान किस तरह से बचाई और उसके बाद मनोरमा दोबारा (again) से महल में गई और महाराज मनोरमा को देख कर  र हैरान हो गए और कहा तुम जिंदा कैसे रह सकती हैं

और फिर महाराज ने मनोरमा को कालकोठरी (Jail) में डलवा दिया और रात भर यह सोचते रहते हैं कि किस तरह से इस लड़की से छुटकारा पाया जाए अगले दिन महाराज राजकुमार और  मनोरमा दोनों को नदी के किनारे ले जाते हैं और राजकुमार के अंगूठी (Ring) को निकालकर नदी में फेंक देते हैं और कहते हैं अगर तुम्हें राजकुमार चाहिए तो तुम्हें यह अंगूठी इस गहरी नदी से ढूंढ (find) कर लाना होगा तभी मैं तुम्हारी शादी राजकुमार से करा दूंगा

Garib ki kahani in hindi

इस तरह से महाराज और राजकुमार वापस महल (palace) में चले जाते हैं और मनोरमा वहीं पर बैठे रहती है क्योंकि पानी बहुत ही ज्यादा गहरा था और पानी में अंगूठी ढूंढना पूरी तरह से नामुमकिन था इसलिए वह वापस मछुआरे baba के घर पर चली जाती है और  वहीं पर रहने लगती है

एक दिन मछुआरा बहुत सारी मछली (Fish) पकड़ कर लाता है मनोरमा कहती है बाबा क्या मैं इसमें से एक मछली आज पका कर खा सकती हु बाबा कहते बिल्कुल यह सारी मछली तुम्हारी है उसके बाद मनोरमा एक मछली ले लेती  है और बाबा सभी मछलियों को बाजार (market) में बेचने चले जाते हैं

 और मनोरमा जैसे ही उस मछली को काटती (cut) है तो वह देखती है कोई चीज मछली के पेट में चमक रही होती हैं और वह वही अंगूठी होती है जो महाराज ने राजकुमार के हाथ से निकाल कर नदी में फेंके दी थी

 मनोरमा जल्दी से अंगूठी  को लेकर महल में जाती है और यह राजा को दिखाती है राजा यह देख कर हैरान (Shock) हो जाते हैं और वे कहते हैं हमने हार मान लिए और मैं समझ चुका हूं कि मैं लिखे हुए को नहीं बदल सकता

 इस तरह मनोरमा और  राजकुमार की शादी (marriage) धूमधाम  से करा दी जाती हैं और इस तरह से एक गरीब परिवार की लड़की उस राज्य की राजकुमारी बन जाती है 

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राम और श्याम दो गरीब (Poor Farmer) किसान दोस्त थे राम बहुत ही ज्यादा मेहनती था और वह हमेशा मेहनत में विश्वास करता था जबकि श्याम मेहनत में कम, भगवान और आस्था में ज्यादा विश्वास (belief) करता था इन दोनों के पास कुछ खेत थे

 इन दोनों ने एक साथ (together) फसल उगाने की सोची और दोनों ने मिलकर काम किया पर जैसा कि राम बहुत ही ज्यादा मेहनती था वह दिन भर मेहनत करता रहता था और श्याम मेहनत कम और भगवान के भरोसे ज्यादा छोड़ (leave) देता था और वह मंदिर जाना या भगवान से विनती करना यह काम ज्यादा किया करता था

राम दिन-रात मेहनत किया करता था जिसकी वजह से फसल (Crops) भी बहुत अच्छी हुई राम और श्याम यह देखकर बहुत खुश हो गए और इस तरह से उन्होंने फसल  को काटकर बेच दिया और अब बारी आती है पैसों (money) को आपस में बांटने की पर राम कहता है कि मुझे इस पैसों से ज्यादा हिस्सा (Part) मिलना चाहिए

 क्योंकि मैंने खेत में सबसे ज्यादा मेहनत (hard work) किया पर श्याम कहता है कि नहीं इस पैसों का बंटवारा बराबर बराबर होना चाहिए क्योंकि मैंने भगवान से विनती (pray) किया तभी यह फसल इतनी अच्छी हुई है क्योंकि यह सब ऊपर वाले ने ही किया है इस तरह से दोनों में लड़ाई (fight) हो जाती है

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 और फिर वह दोनों गांव के सरपंच मुखिया के पास जाते हैं अपनी समस्या मुखिया को बताते हैं मुख्य उनकी समस्या (problem) सुनकर कहता है कि मैं तुम्हारी  समस्या का समाधान (solution) कर दूंगा लेकिन उसके लिए मैं तुम्हें कुछ काम देता हूं अगर तुम दोनों में से जो भी इस काम को ज्यादा अच्छे से करेगा उसे ज्यादा पैसे (money)मिलेंगे

 इस तरह से मुखिया दोनों को एक  एक बोरी  चावल देता है जिसमें बहुत सारे छोटे छोटे पत्थर मिले होते हैं और कहता है कि कल सुबह तुम्हें जितना हो सके उतना चावल को पत्थर (Stone) से अलग करके लाना है राम जैसा  कि बहुत ज्यादा मेहनती होता है वह पूरी रात (light) दीया जलाकर चावल में से पत्थर को अलग करता रहता है

पर श्याम मेहनती नहीं होता वह सिर्फ थोड़े से पत्थर को अलग करता है और बाकी भगवान के भरोसे (trust) छोड़ कर सो जाता है अगले दिन वह दोनों अपनी-अपनी बोरिया लेकर सरपंच के पास जाते हैं और जब इन दोनों की बोरियो का जायजा (Analyse) लिया जाता है तो यह पाया जाता है कि राम की बोरी में बहुत ही कम चावल (rice) बचे हुए है जिसमें पत्थर है

 और इस तरह से राम को पैसों का ज्यादा हिस्सा दिया जाता है और श्याम की आंखें (eyes) खुल जाती है कि मेहनत करने से ही भगवान खुश होते हैं और मेहनत करके ही किसी काम (work) को किया जा सकता है कुछ भी हम भगवान के भरोसे नहीं छोड़ सकते हैं 

 इस तरह राम और श्याम बहुत ही ज्यादा मेहनत (hard work) करते हैं और बहुत ही जल्द  वह दोनों अमीर बन जाते हैं 

 

 

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