Cinderella story in hindi | Cinderella की कहानी हिंदी में

Cinderella story in hindi – बहुत पुरानी बात है एक छोटे से गांव में एक Cinderella नाम की बहुत खूबसूरत लड़की रहती थी उसके पिता एक business थे  जिन्हें अक्सर काम के दौरान गांव से दूर जाना पड़ता था Cinderella की मां बचपन में ही गुजर गई थी जिसके कारण सिंड्रेला बहुत अकेली हो चुकी थी तथा उसकी स्थिति देखकर उसके पिता ने एक विधवा औरत से शादी की उसकी पहले से ही 2 बेटियां थी

और दोनों बेटी बहुत ही कठोर दिल की और  बदतमीज थी दोनों हमेशा Cinderella को परेशान करने का मौका ढूंढते रहते थे

Cinderella अपनी सौतेली मां और बहनों को एक आंख नहीं भाती वह दोनों उसे बिल्कुल पसंद नहीं करते थे 1 दिन की बात है

 सिंडरेला के पिता को व्यापार के सिलसिले में गांव से दूर जाना पड़ा उसके बाद उसके पिता कभी लौटकर नहीं आए तब सिंड्रेला और भी अकेली हो गई उसकी सौतेली मां अब उससे घर के सारे काम (work) करवाया करती जब Cinderella को खाली समय मिलता है तो वह अपना खाली समय अपने मित्रों छोटे चूहे और चिड़ियों के साथ बिताना पसंद करती  ऐसे ही दिन बीतते गए एक बार की बात है

जब गांव में एक घोषणा की गई राजकुमार के द्वारा गांव में  रहने वाले सभी लड़कियों को महल की Party में आमंत्रित किया गया यदि वहां राजकुमार को कोई लड़की पसंद आती है तो वे उसे विवाह का प्रस्ताव रखेंगे जैसे ही Cinderella की सौतेली बहनों ने यह बात सुनी तो उन्होंने यह बात अपनी मां को बताई उनकी मां ने उन्हें पार्टी में जाने की इजाजत दे दी तथा उनके लिए वह नए नए कपड़े और कुछ आभूषण (jewelry) लेकर आई

Princess cinderella ki kahani

 सिंडरेला की मदद के द्वारा दोनों बहने तैयार हुए तब Cinderella ने अपनी मां से पूछा क्या मैं भी आपके साथ आ सकती हूं तो उसकी सौतेली मां ने मना कर दिया कि और कहां तुम घर पर रहकर घर का सारा काम करोगी

Cinderella रोते रोते अपने कमरे की तरफ भागी कुछ समय बीता जब उसके सामने एक परी (pari) प्रकट हुई तथा उसने सिंडरेला से रोने का कारण पूछा तब  Cinderella ने सब कुछ बताया तब परी ने उससे कहा कि तुम्हें भी उस पार्टी में जाना चाहिए तब सिंडरेला ने परी को अपने फटे पुराने कपड़ों के बारे ने बताया

 परी ने Cinderella को कहा कि वह अपने मित्र चूहे और चिड़ियों को  लेकर आए परी ने अपने जादू के द्वारा चूहों को बहुत ही खूबसूरत घोड़ों में बदल दिया और चिड़ियों को   घुड़सवार के रूप में और परी ने अपनी जादू के द्वारा Cinderella को बहुत ही सुंदर वस्त्रों के द्वारा तैयार किया

 परी ने Cinderella को  महल में जाने को कहा और उसके साथ यह भी सावधान किया कि उसे 12:00 बजने से पहले ही वापस  अपने घर में आना होगा और सिंड्रेला खुशी-खुशी महल की तरफ चली गई उसकी सवारी भव्य महल की और रुक गई

जब सिंडरेला महल की दरवाजे की तरफ आई तो सभी की नजरें Cinderella को देखने लगी और वहां मौजूद राजकुमार भी Cinderella को देखने लगे तभी कुमार Cinderella  के पास आए और सिंडरेला से नित्य करने के लिए पूछा और सिंड्रेला नित्य के लिए तैयार हो गयी

 दोनों ने बहुत देर तक साथ में नित्य किया और राजकुमार को Cinderella के साथ नृत्य करने के दौरान ही  प्यार हो गया था

Cinderella ki kahani

जब Cinderella की नजर अचानक घड़ी की और पड़ी तो उसने देखा कि 12:00 बजे में कुछ समय ही रह रहे हैं  और उससे परी की सारी बातें याद आई वह जल्दी-जल्दी महल की दरवाजे की तरफ भागी और उसके पीछे पीछे राजकुमार भी भागते हुए दरवाजे की तरफ आए

जब Cinderella दरवाजे के बाहर आई तो 12:00 बज चुके थे  जब वह महल की सीढ़ियों से नीचे उतर रही थी तो उसके पैरों से कांच की सैंडल  वहीं गिर गई राजकुमार को बाहर आते समय मिली

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 जब सिंडरेला अपने घर पहुंचे तो वह राजकुमार के साथ बिता हुए  वक्त को याद कर रही थी क्योंकि वह भी राजकुमार से प्यार करने लगी थी

अगली ही सुबह राजकुमार ने अपने महल में यह ऐलान किया कि जो भी लड़की यह कांच के सेंडल (Sandle) को पहन कर आई थी उसे जल्द  ही जल्द ढूंढा जाए

 राजकुमार के आदमी गांव के हर एक घर में जाकर उस कांच के  सैंडल के मालकिन को खोजने लगे परंतु सैंडल किसी भी लड़की के पैरों में फिट नहीं आया और वह Cinderella के घर पहुंचे

Cinderella यह सब कुछ अपने कमरों की खिड़कियों से देख रही थी तथा वह यह देखकर बहुत खुश हुई पर उसकी सौतेली मां दरवाजे के पास ही खड़ी थी और उसने गुस्से (angry) में दरवाजे को बंद कर दिया सिंडरेला चिल्लाती रही दरवाजा खोलो पर उसकी मां ने दरवाजा नहीं खोला

 राजकुमार के आदमी Cinderella के घर में आए और उसकी बहनों को ने वह कांच (glass) की सैंडल अपने पैरों में पहने तो वह फिट नहीं आई

 सिंडरेला को रोते हुए देखकर उसके मित्र छोटू चूहों ने दरवाजे के नीचे से जाकर उसकी सौतेली मां के जेब से चाबी निकाली और सिंड्रेला को वापस लाकर दे दिया सिंड्रेला ने खुशी-खुशी (with happiness) अपने कमरे का दरवाजा खोला और वह अपने घर की तरफ भागी

और राजकुमार के आदमियों से बोला कि कृपया करके मुझे भी एक बार सैंडल पहनने का मौका दीजिए और उन्होंने यह मौका Cinderella को भी दिया और यह कांच की सैंडल Cinderella को फिट हुई यह देखकर राजकुमार के आदमियों ने सिंड्रेला से पूछा क्या यह सैंडल आपकी है

जी हां मेरी है सिंडरेला ने कहा तब राजकुमार के आदमी ने Cinderella से कहा कृपा करके हमारे साथ महल चलिए और Cinderella सिंड्रेला को राजकुमार के सामने पेश किया गया राजकुमार ने Cinderella के हाथो को पकड़ा और उसके आंखों में देखा और राजकुमार को उस रात की सारी बातें याद आई

राजकुमार ने सिंड्रेला के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा और सिंडरेला खुशी-खुशी विवाह के लिए राजी हुई उन्होंने शादी की और खुशी से अपना जीवन बिताने लगे और कभी भी उसकी सौतेली माँ ने नहीं सताया

Cinderella story in video

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एक और कहानी पढ़े जो हमें यह सिखाती है की हमें चालक लोगो से बचकर रहना चाहिए

बहुत पुरानी बात है  एक गांव में एक कोआ (crow) खाने की तलाश में इधर उधर भटक रहा था लेकिन उसे कुछ नहीं मिला अब वह बहुत थक गया था तो वह जाकर एक पेड़ पर बैठ गया तभी उसने पेड़ पर से देखा

 कि पास ही एक Plate में एक पनीर का टुकड़ा रखा है  वह बहुत खुश हुआ और बोला वह किस्मत हो तो ऐसी

 कोआ plate के पास गया और अपनी चोच में पनीर का टुकड़ा फंसाया और उड़ गया उड़ते वक्त उसके पीछे  बहुत सारे कोआ उसके पीछे उड़ने लगे किसी तरह उसने उनसे पीछा छुड़ाया और  जाकर एक पेड़ (tree) पर बैठ गया

 तभी कहीं दूर एक लोमड़ी भूख की तलाश में इधर-उधर जंगलों में घूम रही थी उसने पेड़ पर बैठे हुए कोआं को देखा और देखा कि उसके मुंह में पनीर का टुकड़ा भी है

लोमड़ी बहुत चालाक (clever) थी पनीर को देखते ही उसके मुंह में पानी आ गया तभी उसने  एक योजना बनाई और बोला कोआ भाई आप कितनी खूबसूरत हो

मैं अपना परिचय दे दो मैं एक भोली भाली लोमड़ी हूं मेरी सहेलियां (friends) कहती है कि आपकी आवाज  बहुत मधुर है और क्या यह बात सच है कोआ चिंता में पड़ गया कि आज तक तो किसी ने उसकी आवाज की तारीफ नहीं की लेकिन  कोआ कुछ ना बोला

तभी लोमड़ी बोली भाई आप अपनी आवाज में मेरे लिए एक  गाना नहीं गा सकते क्या आप मेरे लिए इतना नहीं कर सकते परंतु  कोआ चुप रहा परंतु लोमड़ी बहुत चालाक थी उसने कोआ को फसाने के लिए बोला आप कितनी खूबसूरत हो मैं आपकी प्यारी बहन  हूं क्या आप मेरी लिए इतना नहीं कर सकते

अभी कौवा ने को को करना शुरू किया

तभी पनीर का टुकड़ा (piece) उसके मुंह से जमीन  पर जा गिरा लोमड़ी भागते हुए आई और पनीर का टुकड़ा मुंह में लिया और खा गई इससे पहले कि कोआ कुछ समझ पाता

 अब कोआ बहुत निराश हो गया  अब पछतात होत का जब चिड़िया चूग गई खेत

 शिक्षा  चालाक लोगों से हमेशा बचे इन का कभी विश्वास नहीं करना चाहिए

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दो दोस्तों की कहानी

एक समय की बात है  कैलाशपुर नाम के एक गांव में  2 लड़के रहते थे एक का नाम रोहन और दूसरे का नाम सोहन था सोहन के परिवार के पास सब कुछ था और सोहन स्कूल भी अच्छे कपड़े पहन कर जाया करता था और सभी कॉपी किताब भी थी परंतु रोहन एक गरीब परिवार से संबंध रखता था इस वजह से उसके पास ना अच्छे कपड़े थे और ना ही कॉपी किताब थे

परंतु वह दोनों एक ही स्कूल में जाया करते थे रोहन के पास अच्छे कपड़े ना होने के कारण अध्यापक भी उसे ठीक ढंग से और बात नहीं करता था क्योंकि रोहन स्कूल में भी फटे कपड़े पहन कर आया करता था और स्कूल में कोई भी रोहन की गरीबी के कारण से दोस्ती नहीं करता था

इस वजह से कई बार रोहन स्कूल ना जाकर किसी पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगता था परंतु 1 दिन सोहन ने उसे पेड़ के नीचे बैठ कर रोते हुए देख लिया और सोहन रोहन से कहने लगा क्या हुआ क्यों रो रहे हो

रोहन कहता है कि कोई भी मेरा दोस्त नहीं बनना चाहता है सोहन ने तभी रोहन से कहा क्या तुम मेरे दोस्त बनोगे और रोहन थोड़ी देर के लिए सोचने लगा कि यह मेरा दोस्त क्यों बनना चाहता है परंतु उसने ज्यादा न सोचते हुए सीधा हां कह दिया और कुछ ही दिनों में दोनों में बहुत ही गहरी दोस्ती हो गई और दोनों साथ ही में खेलते कूदते और समय बिताते थे

परंतु एक दिन सोहन की मम्मी ने दोनों को एक साथ खेलते हुए देख लिया और सोहन की मम्मी ने रोहन को बहुत डाटा जिसके कारण रोहन को बहुत बुरा लगा और वह वहां से चला गया और अगले कुछ दिनों तक रोहन सोहन से नहीं मिलता है परंतु एक दिन सोहन खेलते खेलते नदी में गिर जाता है

सभी लोग उसे देखते रहते हैं परंतु कोई भी सोहन को बचाने की हिम्मत नहीं कर पाता और उसकी मम्मी भी वहां पर खड़े होकर सिर्फ चिल्लाती है क्योकि उसकी मम्मी को भी तैरना नहीं आता जिसकी वजह से उसकी मम्मी भी किनारे पर खड़े होकर सिर्फ चिल्लाई रही थी

कुछ देर बाद लोगों की आवाज सुनकर वहां पर रोहन आ जाता है और रोहन सोहन को डूबता देख कुछ भी सोचे बिना नदी में कूद जाता है और सोहन को बचाकर नदी के किनारे ले आता है जिससे सभी लोग उसकी बहादुरी को देख चौक जाते हैं और सोहन को नदी के बाहर लाने के बाद रोहन वहां से चला जाता है क्योंकि जब वह उसकी मम्मी को देखता है तो वह सोचने लगता है सोहन की मम्मी मुझे फिर बुरा भला कहेंगी

परंतु थोड़ी दूर जाने के बाद रोहन को सोहन की मम्मी रोक लेती है और उससे माफी मांगने लगती है और कहती है कि मुझे अपनी गलती का एहसास है और मुझे तुम्हारी दोस्ती का पता नहीं था कि तुम दोनों इतने गहरे दोस्त हो

रोहन की बहादुरी के कारण सभी गांव वाले रोहन को जानने लगते हैं और जिसके कारण रोहन के माता पिता रोहन पर गर्व करने लगते है

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